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मैंने 5 बल्लेबाजी ड्रिल्स आजमाईं: 30 दिनों में बेहतर टाइमिंग
विशेष विश्लेषण

मैंने 5 बल्लेबाजी ड्रिल्स आजमाईं: 30 दिनों में बेहतर टाइमिंग

शुरुआती बल्लेबाजों के लिए सबसे असरदार क्रिकेट बल्लेबाजी ड्रिल्स महंगी अकादमी या तेज गेंदबाज से नहीं, बल्कि सही क्रम में दोहराए गए बुनियादी अभ्यास से शुरू होती हैं। IPL समाचार के अभ्यास मॉडल में 5 मुख्...

16 सितंबर 2026 5 min read

मैंने 5 बल्लेबाजी ड्रिल्स आजमाईं: 30 दिनों में बेहतर टाइमिंग

शुरुआती बल्लेबाजों के लिए सबसे असरदार क्रिकेट बल्लेबाजी ड्रिल्स महंगी अकादमी या तेज गेंदबाज से नहीं, बल्कि सही क्रम में दोहराए गए बुनियादी अभ्यास से शुरू होती हैं। IPL समाचार के अभ्यास मॉडल में 5 मुख्य चरण हैं: ग्रिप और स्टांस, सीधी गेंद पर बल्ले का नियंत्रण, फ्रंट-फुट फुटवर्क, बैक-फुट प्रतिक्रिया और मैच-जैसा निर्णय अभ्यास। 30 दिनों तक रोज 25 मिनट करने पर खिलाड़ी गेंद को देर से देखने, सिर स्थिर रखने और ऑफ-साइड में नियंत्रण बढ़ाने पर काम कर सकता है। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की नियम-पुस्तिका तकनीक नहीं सिखाती, लेकिन वैध शॉट, रन और विकेट की स्थिति समझने के लिए आधार देती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के मैच प्रारूपों में गेंद की गति और फील्डिंग दबाव अलग होते हैं, इसलिए केवल नेट में बड़े शॉट मारना पर्याप्त नहीं है। पहले 7 दिन रक्षा और संतुलन पर लगाइए, फिर ड्राइव और पुल जोड़िए।

एक शुरुआती क्रिकेट खिलाड़ी अभ्यास नेट में कोच के सामने सीधा डिफेंस खेलता हुआ

गलत धारणा यह है कि शुरुआती बल्लेबाज को पहले दिन से कवर ड्राइव या हेलिकॉप्टर शॉट सीखना चाहिए। आंकड़े और कोचिंग अनुभव उलटा संकेत देते हैं: विकेट के सामने सिर स्थिर रखना, बल्ले का फेस सीधा रखना और गेंद को शरीर के पास खेलना ज्यादा उपयोगी आधार बनाते हैं। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की शुरुआती प्रशिक्षण सामग्री में भी संतुलन, निर्णय और दोहराव को प्राथमिकता दी जाती है। बड़े नाम जैसे विराट कोहली, रोहित शर्मा या बेन स्टोक्स भी हर गेंद पर आक्रामक शॉट नहीं खेलते; वे गेंद की लाइन और लंबाई पढ़कर विकल्प चुनते हैं। IPL समाचार पर हमारा स्पष्ट नियम है: पहले गेंद को नियंत्रित करो, फिर रन की गति बढ़ाओ। [Internal Link: शुरुआती क्रिकेट प्रशिक्षण मार्गदर्शिका] पढ़कर अपने उपकरण और अभ्यास स्थान की भी जांच करें।

अभ्यास शुरू करने से पहले 3 मिनट हल्की दौड़, 20 आर्म-सर्कल, 10 स्क्वैट और 10 खाली-बल्ला स्विंग करें। इससे कंधे, कलाई और कूल्हे तैयार होते हैं और पहले ही ओवर में तकनीक टूटने की संभावना कम होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सामान्य स्वास्थ्य के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि की सलाह देता है, जबकि बल्लेबाजी के लिए खास बात यह है कि थकान बढ़ने पर सिर और आंखों का नियंत्रण पहले बिगड़ता है। इसलिए हर ड्रिल का समय तय रखें, थककर बेतरतीब स्विंग न करें। 25 मिनट का सत्र इस तरह बांटें: 5 मिनट स्टांस, 8 मिनट गेंद नियंत्रण, 7 मिनट फुटवर्क और 5 मिनट निर्णय अभ्यास।

अभ्यास योजना को व्यवस्थित करना हो तो यह सरल विभाजन रखें:

  1. दिन 1 से 7: ग्रिप, स्टांस और सीधा डिफेंस।
  2. दिन 8 से 14: फ्रंट-फुट ड्राइव और आगे बढ़ने का कदम।
  3. दिन 15 से 21: बैक-फुट पंच, कट और पुल की तैयारी।
  4. दिन 22 से 30: मिश्रित गेंदें, रनिंग और मैच-जैसा निर्णय।
  5. हर सत्र के बाद 3 गलतियों और 1 सुधार को लिखें।

अभी अपना शुरुआती अभ्यास ढांचा तय करना समझदारी होगी।

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चरण 1: ग्रिप और स्टांस को स्थिर कैसे करें?

ग्रिप और स्टांस की जांच का सही तरीका यह है कि बल्ला हाथों में नियंत्रित रहे, कलाई कड़ी न हो और दोनों पैर कंधों की लगभग चौड़ाई पर टिके हों। दायां हाथ ऊपर या नीचे रखने का फैसला खिलाड़ी की सहजता पर निर्भर कर सकता है, लेकिन बल्ले का फेस गेंद की दिशा में आसानी से लौटना चाहिए। सिर दोनों पैरों के बीच रहे और आंखें गेंद के स्तर के करीब हों।

पहली ड्रिल में गेंद की जरूरत नहीं है। बल्ला पकड़कर 10 बार सामान्य स्टांस लें, फिर हर बार पैरों की दूरी, घुटनों का हल्का मोड़ और सिर की स्थिति जांचें। इसके बाद साथी से “तैयार” कहकर बिना गेंद के 20 शैडो डिफेंस करवाएं। यदि बल्ला ऊपर से घूमकर आता है, तो उसे सीधी लाइन में नीचे लाने की कोशिश करें। MCC के नियमों में बल्लेबाज की तकनीकी शैली तय नहीं है, इसलिए दिखावटी मुद्रा के पीछे भागना बेकार है; जो स्टांस संतुलन और प्रतिक्रिया देता है, वही उपयोगी है।

दूसरी महत्वपूर्ण बात बैट का आकार और वजन है। शुरुआती खिलाड़ी अक्सर भारी बल्ला इसलिए चुनते हैं क्योंकि वह ताकतवर दिखता है, लेकिन भारी बल्ले से समय पर शॉट न लगने और कोहनी पर दबाव बढ़ने की संभावना रहती है। बल्ला उठाकर 15 सेकंड स्थिर रखना कठिन हो तो वह अभ्यास के लिए अधिक भारी है। दस्ताने, हेलमेट और पैड भी BCCI तथा स्थानीय क्लब के सुरक्षा मानकों के अनुसार फिट होने चाहिए।

लकड़ी के क्रिकेट बल्ले को पकड़ने की सही ग्रिप दिखाता हुआ कोच और युवा बल्लेबाज

चरण 2: सीधी गेंद पर बल्ले का नियंत्रण कैसे बढ़ाएं?

सीधी गेंद पर नियंत्रण बढ़ाने के लिए सबसे पहले गेंद की लाइन के पीछे शरीर लाएं और बल्ले का फेस जमीन की ओर सीधा रखें। शुरुआती खिलाड़ी 30 से 40 धीमी थ्रोडाउन गेंदों में आक्रामक रन बनाने के बजाय डिफेंस, रोक और नरम हाथों पर ध्यान दें। इस ड्रिल का लक्ष्य बल्ले और गेंद का केंद्रित संपर्क है, दूरी नहीं।

कोच या साथी को 12 से 15 मीटर की दूरी से टेनिस गेंद धीरे फेंकनी चाहिए। बल्लेबाज गेंद को ध्यान से देखे, सिर स्थिर रखे और बल्ला शरीर के पास से नीचे लाए। हर 10 गेंद के बाद परिणाम लिखें: कितनी गेंदें बल्ले के बीच में लगीं, कितनी अंदरूनी किनारे से निकलीं और कितनी शरीर से दूर खेली गईं। मेरे अभ्यास मॉडल में 40 गेंदों में 28 नियंत्रित संपर्क को शुरुआती स्तर पर अच्छा संकेत माना जाता है, लेकिन यह आधिकारिक प्रदर्शन मानक नहीं है। ECB की कोचिंग व्यवस्था में भी तकनीक को छोटे हिस्सों में तोड़कर दोहराने पर जोर दिया जाता है।

जानबूझकर एक गलती भी कराएं: साथी कभी-कभी ऑफ-स्टंप के बाहर गेंद डाले और बल्लेबाज उसे छोड़ने का निर्णय ले। यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि हर गेंद रन योग्य नहीं होती। [Internal Link: क्रिकेट में गेंद छोड़ने और डिफेंस की तकनीक] इस हिस्से को समझाता है। प्रतियोगी मैच में The Hundred, IPL और रणजी ट्रॉफी की गति अलग दिख सकती है, मगर गेंद छोड़ने का निर्णय तीनों में मूल्यवान है।

यहां से अभ्यास को थोड़ा अधिक चुनौतीपूर्ण बनाइए।

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चरण 3: फ्रंट-फुट फुटवर्क और ड्राइव कैसे सीखें?

फ्रंट-फुट ड्रिल का उद्देश्य आगे बढ़कर गेंद की लंबाई तक पहुंचना है, न कि हर गेंद को जोर से मारना। गेंद फुल या गुड लेंथ हो तो आगे का पैर गेंद की लाइन में जाए, सिर आगे रहे और पिछला पैर संतुलन बनाए रखे। 20 नियंत्रित गेंदों में 12 से अधिक बार संतुलित संपर्क बनना शुरुआती सुधार का व्यावहारिक संकेत है।

फर्श पर दो रेखाएं बनाएं: पहली बल्लेबाज के शुरुआती पैर के सामने और दूसरी गेंद की संभावित लाइन पर। खिलाड़ी को पहले बिना गेंद के 15 बार आगे कदम रखकर रुकना चाहिए। फिर कोच 20 अंडरआर्म गेंदें डाले। गलत कदम वह है जिसमें पैर गेंद से बहुत दूर निकल जाए या शरीर पीछे रह जाए। ऐसी स्थिति में ड्राइव की ताकत बढ़ाने के बजाय कदम छोटा करें। विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर के सीधे ड्राइव देखकर केवल बल्ले की गति न नकल करें; असली कौशल उनका सिर, संतुलन और गेंद की लाइन पर पहुंचना है।

एक उपयोगी जानकारी यह है कि शुरुआती अभ्यास में फ्रंट-फुट ड्राइव की सफलता अक्सर ताकत से नहीं, संपर्क बिंदु से तय होती है। गेंद शरीर से बहुत आगे मिले तो किनारा लग सकता है; बहुत पीछे मिले तो शॉट रुक जाएगा। इसलिए साथी को हर गेंद के बाद केवल “अच्छा” कहने के बजाय संपर्क बिंदु बताना चाहिए: आगे, बराबर या पीछे।

युवा बल्लेबाज अभ्यास पिच पर आगे कदम रखकर सीधा ड्राइव खेलता हुआ

चरण 4: बैक-फुट प्रतिक्रिया और शॉट चयन कैसे सुधारें?

बैक-फुट अभ्यास में खिलाड़ी को गेंद की लंबाई पहचानकर पीछे हटना, शरीर को खाली करना या नियंत्रित पंच खेलना सीखना चाहिए। यह ड्रिल तभी उपयोगी है जब गेंदबाज सुरक्षित गति रखे और बल्लेबाज पहले गेंद को देखे, फिर पैर चलाए। कट और पुल को केवल छोटी गेंद पर खेलें; उछाल का अनुमान गलत हो तो चोट का खतरा रहता है।

तीन रंगों या तीन आवाज संकेतों का उपयोग करें। “लाल” पर डिफेंस, “पीला” पर गेंद छोड़ना और “हरा” पर नियंत्रित रनिंग शॉट रखें। साथी 30 मिश्रित गेंदें डाले और बल्लेबाज पहले से शॉट तय न करे। 30 गेंदों में कितने सही निर्णय हुए, यह नोट करें। 21 सही निर्णय यानी 70 प्रतिशत शुरुआत के लिए मजबूत संकेत है, लेकिन गेंद की गति, पिच और खिलाड़ी के स्तर के अनुसार यह संख्या बदल सकती है। ICC, BCCI और Cricket Australia के अलग-अलग मैदानों में उछाल और सीम की स्थिति बदलती है, इसलिए एक ही नेट प्रदर्शन को हर पिच का प्रमाण न मानें।

पहली बार पुल या कट खेलते समय नरम टेनिस गेंद उपयोग करें, फिर ही कठोर गेंद पर जाएं। हेलमेट, अब्दोमिनल गार्ड और उचित दूरी अनिवार्य रखें। [Internal Link: क्रिकेट सुरक्षा उपकरणों की जांच सूची] को नजरअंदाज करना बहादुरी नहीं, खराब निर्णय है।

क्रिकेट कोच रंगीन संकेत कार्ड से बल्लेबाज के शॉट निर्णय का परीक्षण करता हुआ

दोहराव के साथ निर्णय-गुणवत्ता नापना शुरू करें, क्योंकि केवल रन गिनना अधूरा आंकड़ा है।

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चरण 5: अभ्यास की पुष्टि कैसे करें?

अभ्यास की पुष्टि का मतलब यह नहीं कि आपने 100 गेंदें खेल लीं। सही पुष्टि में संपर्क, संतुलन, निर्णय, रनिंग और थकान के बाद तकनीक—इन पांच चीजों का रिकॉर्ड होना चाहिए। हर सप्ताह एक छोटा परीक्षण करें: 20 शैडो स्विंग, 30 थ्रोडाउन, 20 मिश्रित गेंदें और 10 रनिंग कॉल। परिणाम को पहले सप्ताह से तुलना करें।

अपनी नोटबुक में यह तालिका रखें:

  • सही बल्ला-संपर्क: 30 में कितने।
  • सही फ्रंट-फुट कदम: 20 में कितने।
  • गेंद छोड़ने का सही निर्णय: 15 में कितने।
  • गलत कॉल या रनिंग भ्रम: 10 में कितने।
  • अंतिम 10 गेंदों में सिर और संतुलन की स्थिति।

मेरे अनुभव में शुरुआती खिलाड़ी पहले 10 दिनों में ताकत बढ़ाने पर ध्यान देते हैं, जबकि वास्तविक सुधार अक्सर आखिरी 10 गेंदों में तकनीक न टूटने से दिखता है। यह एक उपयोगी, कम चर्चित परीक्षण है: सत्र के अंत में 10 धीमी गेंदें डालें और देखें कि क्या बल्लेबाज अब भी सिर स्थिर रखता है। यदि नहीं, तो अगले दिन शॉट की संख्या घटाकर आराम और तकनीक पर लौटें। IPL समाचार की मैच समीक्षा में भी बल्लेबाज के स्ट्राइक रेट से पहले गेंद चयन और विकेट खोने का समय देखना अधिक अर्थपूर्ण है।

सामान्य असफलताओं का समाधान

शुरुआती बल्लेबाजों की सबसे आम समस्या यह है कि वे बल्ला गेंद से पहले चलाते हैं। इसका समाधान 10 धीमी गेंदों में गेंद को देर से खेलना और शॉट की ताकत आधी रखना है। दूसरी समस्या सिर का गिरना है; साथी को बल्लेबाज के सामने खड़ा होकर केवल सिर की ऊंचाई पर ध्यान देना चाहिए, न कि हर स्विंग पर सलाह देनी चाहिए। तीसरी समस्या बहुत बड़ा बैक-लिफ्ट है, जिसे दीवार के पास शैडो स्विंग करके सुधारा जा सकता है।

यदि गेंद लगातार अंदरूनी किनारा लेकर पैड पर लग रही है, तो बल्ला शरीर से बहुत दूर आ रहा है या कलाई बंद हो रही है। यदि गेंद हवा में उठ रही है, तो सिर पीछे और बल्ले का फेस खुला हो सकता है। 12 गेंदों का निदान सेट करें:

  1. 4 गेंदें केवल डिफेंस।
  2. 4 गेंदें गेंद छोड़ना।
  3. 4 गेंदें नियंत्रित ड्राइव।
  4. हर सेट के बाद एक ही तकनीकी बदलाव।
  5. एक साथ तीन गलतियां सुधारने की कोशिश नहीं।

मैच में दबाव बढ़ने पर सांस रोकना भी समस्या बनता है। गेंदबाज के दौड़ने से पहले एक सामान्य सांस लें, लक्ष्य तय करें और फिर प्रतिक्रिया दें। रोहित शर्मा, बेन स्टोक्स और स्मृति मंधाना जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी हर गेंद को अलग निर्णय की तरह लेते हैं; नकल करने योग्य हिस्सा उनका मानसिक क्रम है, स्टाइल नहीं। [Internal Link: बल्लेबाजी मानसिकता और मैच दबाव प्रबंधन]

शाम के समय स्थानीय क्रिकेट मैदान में बल्लेबाज अभ्यास रिकॉर्ड देखकर अपनी गलतियां लिखता हुआ

30-दिन की योजना के अंत में लक्ष्य शतक बनाना नहीं होना चाहिए। लक्ष्य यह हो कि खिलाड़ी 60 से 80 गेंदों में अपनी योजना न छोड़े, गलत गेंद पर शॉट रोक सके और साथी के साथ स्पष्ट रनिंग कॉल करे। IPL, The Hundred और रणजी ट्रॉफी जैसे प्रारूपों में रणनीति अलग है, लेकिन ये मूल बातें हर जगह काम आती हैं। यदि कोई ड्रिल दर्द पैदा करे, खासकर कलाई, कंधे, घुटने या पीठ में, तो तुरंत रुकें और योग्य कोच या चिकित्सक से सलाह लें। नियमित रिकॉर्डिंग, धीमी समीक्षा और सीमित लेकिन सही दोहराव ही शुरुआती बल्लेबाजी का सबसे भरोसेमंद रास्ता है।

अपने अगले 30 दिनों का अभ्यास अब तय कर लेना बेहतर रहेगा।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: शुरुआती खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट बल्लेबाजी ड्रिल्स क्या हैं?

उत्तर: शुरुआती खिलाड़ियों के लिए मुख्य ड्रिल्स ग्रिप, स्टांस, सीधा डिफेंस, फ्रंट-फुट कदम, बैक-फुट प्रतिक्रिया और निर्णय अभ्यास हैं। पहले सप्ताह में 30 से 40 धीमी थ्रोडाउन गेंदों पर नियंत्रण बनाइए और बड़े शॉट सीमित रखिए। 25 मिनट का नियमित सत्र, सप्ताह में 5 दिन, अनियमित लंबे अभ्यास से अधिक उपयोगी होता है। हर सत्र में संपर्क और संतुलन का रिकॉर्ड रखें।

प्रश्न: क्रिकेट बल्लेबाजी का अभ्यास घर पर कैसे करें?

उत्तर: घर पर शैडो स्विंग, टेनिस गेंद की दीवार ड्रिल और स्थिर स्टांस अभ्यास से शुरुआत करें। 10 मिनट में 20 स्टांस जांच, 20 खाली-बल्ला डिफेंस और 30 दीवार रिबाउंड किए जा सकते हैं। कांच, वाहन और लोगों से पर्याप्त दूरी रखें तथा कठोर गेंद का उपयोग न करें। सप्ताह में कम से कम दो बार किसी साथी से वीडियो रिकॉर्डिंग करवाना सुधार पहचानने में मदद करता है।

प्रश्न: भारी बल्ला और हल्का बल्ला, शुरुआती खिलाड़ी के लिए कौन बेहतर है?

उत्तर: शुरुआती खिलाड़ी के लिए वह बल्ला बेहतर है जिसे वह 15 सेकंड स्थिर रखकर नियंत्रित स्विंग कर सके। भारी बल्ला ताकतवर दिखता है, लेकिन उससे टाइमिंग बिगड़ सकती है और कलाई पर दबाव बढ़ सकता है। खरीदने से पहले बल्ले को सामान्य स्टांस में उठाकर 10 स्विंग करें। यदि आखिरी तीन स्विंग में संतुलन टूटे, तो हल्का विकल्प चुनना अधिक समझदार है।

प्रश्न: गेंद बल्ले के किनारे से क्यों लगती है?

उत्तर: गेंद किनारे से आमतौर पर इसलिए लगती है क्योंकि सिर स्थिर नहीं रहता, बल्ला शरीर से दूर आता है या शॉट बहुत जल्दी खेला जाता है। 12 गेंदों की धीमी डिफेंस ड्रिल में बल्ला शरीर के पास रखें और गेंद को देर से मिलने दें। साथी से संपर्क बिंदु की वीडियो रिकॉर्डिंग करवाएं। लगातार दर्द या गलत संपर्क होने पर योग्य कोच से तकनीकी जांच कराएं।

प्रश्न: क्रिकेट बल्लेबाजी ड्रिल्स के लिए कितने उपकरण चाहिए?

उत्तर: शुरुआत के लिए बल्ला, टेनिस गेंद, स्टंप या लक्ष्य, हेलमेट, पैड, दस्ताने और खुला सुरक्षित स्थान पर्याप्त हैं। महंगी बॉलिंग मशीन अनिवार्य नहीं है; साथी की 30 नियंत्रित थ्रोडाउन गेंदें शुरुआती चरण में ज्यादा उपयोगी हो सकती हैं। कठोर गेंद वाले अभ्यास में हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरण छोड़ना उचित नहीं है। उपकरणों की फिटिंग स्थानीय क्लब या BCCI सुरक्षा मार्गदर्शन के अनुसार जांचें।

प्रश्न: बल्लेबाजी में सुधार कितने समय में दिखता है?

उत्तर: नियमित अभ्यास करने पर 2 से 4 सप्ताह में संपर्क और संतुलन में शुरुआती सुधार दिख सकता है। 30-दिन की योजना में पहले 7 दिन बुनियादी मुद्रा, अगले 14 दिन फुटवर्क और अंतिम 9 दिन निर्णय अभ्यास पर लगाएं। सुधार का आकलन केवल रन से न करें; 30 गेंदों में सही संपर्क, गेंद छोड़ने और गलत निर्णय की संख्या भी लिखें। मैच दबाव में स्थिरता विकसित होने में कई महीने लग सकते हैं।

प्रश्न: अभ्यास के दौरान तकनीक अचानक क्यों बिगड़ती है?

उत्तर: तकनीक आमतौर पर थकान, बहुत लंबे सत्र, गलत बल्ले के वजन या एक साथ कई सुधार करने से बिगड़ती है। सत्र को 25 से 35 मिनट तक सीमित करें और अंतिम 10 गेंदों में सिर तथा संतुलन की जांच करें। दर्द होने पर तुरंत रुकें, अगले दिन हल्की शैडो ड्रिल करें और जरूरत पड़ने पर कोच या चिकित्सक से सलाह लें। [Internal Link: उन्नत बल्लेबाजी तकनीक और अभ्यास योजनाएं]

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पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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IPL समाचार · The High-Stakes Editorial · No. 01

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